आओ बालाजी आओ बालाजी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आओ बालाजी आओ बालाजी

दर्शन को प्यासे हैं नैना दर्श दिखाओ जी

आओ बालाजी आओ बालाजी .............

निशदिन गुणगान करूँ तेरा ही ध्यान धारण

गिरूं सौ बार मगर नज़रों से न तेरे गिरूं

जीवन मेरा सफल बनाओ झलक दिखाओ जी

दर्शन को प्यासे हैं नैना दर्श दिखाओ जी

आओ बालाजी आओ बालाजी .............

सालासर तेरे है मेहंदीपुर तेरा है

जहाँ हर कण कण में तेरा ही बसेरा है

मेरे मन के मंदिर में भी धाम बनाओ जी

दर्शन को प्यासे हैं नैना दर्श दिखाओ जी

आओ बालाजी आओ बालाजी .............

ज्ञान के सागर हो सियाराम के चाकर हो

हो किनारा तुम ही प्रभु तुम ही भव सागर हो

राशि की अर्ज़ी स्वीकारो लाज बचाओ जी

दर्शन को प्यासे हैं नैना दर्श दिखाओ जी

आओ बालाजी आओ बालाजी .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।