मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे दे

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे दे

क्या दे दे भई, क्या दे दे

जग से आशा छोड़ दे भैया,

श्यामा से आशा जोड़ ले भैया ।

तेरे भर देगी भण्डार,

पता नहीं क्या दे दे ॥

मांगे से तुम क्या पाओगे,

बिन मांगे सब पा जाओगे ॥

यह सच्ची साहूकार,

पता नहीं क्या दे दे ॥

वृन्दावन में बांके बिहारी,

बरसाने में श्यामा प्यारी ।

यह मेरे जीवन प्राणाधार,

पता नहीं क्या दे दे ॥

बाँध के गठड़ी, चल बरसाने,

राधा रानी के दर्शन पाने ।

तुझे करदे भाव से पार,

पता नहीं क्या देदे ॥

सारे जग की भाग्य विधाता

रखती है हर एक का खाता ।

मेरी श्याम लख दातार,

पता नहीं क्या देदे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।