श्री कृष्णाय नमो नमः

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्णाय नमो नम:

श्री कृष्णाय नमो नमः,

श्री वासुदेवाय नमो नमः,

श्री गोविन्दाय नमो नमः,

श्री बंशीधराय नमो नमः,

श्री कमलनाभाय नमो नमः,

श्री कमलनेत्राय नमो नमः,

श्री गोपीनाथाय नमो नमः,

श्री गोवर्धनधराय नमो नमः,

श्री विश्वरूपाय नमो नमः,

श्री प्रणतपालाय नमो नमः,

श्री अद्भुतरूपाय नमो नमः,

श्री अद्वितीयाय नमो नमः,

श्री योगेश्वराय नमो नमः,

श्री सर्वेश्वराय नमो नमः,

श्री विश्वेश्वसराय नमो नमः,

श्री पापप्रणाशाय नमो नमः,

श्री कृष्णाय नमो नमः,

श्री कृष्णाय नमो नमः,

श्री कृष्णाय नमो नमः,

श्री कृष्णाय नमो नमः----------।।

आभार: ज्योति नारायण पाठक

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।