सोजा रे सोजा रे कन्हियाँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सोजा रे सोजा रे कन्हियाँ सोजा रे नंदलाल कन्हैया,

सोजा रे सोजा रे,

नींदिया आ रही आ रही नींदिया सोवत श्याम हमारे,

सोजा रे सोजा रे,

सोजा रे नंदलाल कन्हैया,

मात यशोदा लोरी सुनावे वो इक टक तोहे निहारे,

सोजा रे सोजा रे,

सोजा रे नंदलाल कन्हैया,

रात सुहानी चाँद उगा है विखरे है नव तारे,

सोजा रे सोजा रे,

सोजा रे नंदलाल कन्हैया,

मन अराध आनदं सुर गावत जय जय शब्द उजारे,

सोजा रे सोजा रे,

सोजा रे नंदलाल कन्हैया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।