पलके बिछाये खड़े द्वार सँवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पलके बिछाये खड़े द्वार सँवारे,

तेरे भगतो को है इंतजार सँवारे

पलके बिछाये खड़े द्वार सँवारे,

चुन चुन कलियाँ तेरे लिए मैं भगियां से फूल लाया,

बड़े चाव और बड़े भाव से दिल से तुझे सजाया,

तुम आकर तो देखो इक बार सँवारे,

पलके बिछाये खड़े द्वार सँवारे,

श्याम धनि कुटिया में मेरी इक बार तो आओ,

प्रेम भाव का भोग ये मेरा आकर भोग लगाओ,

मेरी विनती करो स्वीकार सँवारे,

पलके बिछाये खड़े द्वार सँवारे,

तीन बाण के धारी जानू तू हारे का सहारा,

बालक तेरा अनिल मित्तल का है श्याम विसारा,

अपने बालक को देदो तुम प्यार सँवारे,

पलके बिछाये खड़े द्वार सँवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।