आज अवध नगरिया निहाल हे सखी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आज अवध नगरिया निहाल हे सखी :

आज अवध नगरिया निहाल हे सखी,

जन्मे राजमहल चार लाल हे सखी,

आज अवध नगरिया...........

दसरथ महल गूंजत किलकारी,

देखन धावत नगरी सारी,

सब तरुण किशोर बृद्ध बाल हे सखी,

जन्मे राज महल चार लाल हे सखी,

आज अवध नगरिया..........

ढोल मृदङ्ग गूंजत शहनाई,

इक परस्पर सब देत बधाई,

उड़त रंग अबीर गुलाल हे सखी,

जन्मे राज महल चार लाल हे सखी,

आज अवध नगरिया.........

जनमें ब्रह्म अनंत अविनाशी,

देत अशीष पुर अवध निवासी,

जियें कोटि बरिष सब लाल हे सखी,

जन्मे राजमहल चार लाल हे सखी,

आज अवध नगरिया निहाल हे सखी.........

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।