लाल ध्वजा बजरंगी की बाई हाथ में उठाली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

टोली भगता की देखो रे सालासर चाली

लाल ध्वजा बजरंगी की बाई हाथ में उठाली

जाके बजरंग बाला के अरदास लगावे गे,

अरे सवा मणि का बजरंगी के रोट लगावा गे,

मूह माँगा वर पावा गे न आवा गे खाली,

लाल ध्वजा बजरंगी की बाई हाथ में उठाली

कष्ट नष्ट हो जाते जिनके दर से जाने से

मनो कामना पूरन हॉवे ज्योत जगाने से,

भगतो का मन मोहे सिंधुर की लाली,

लाल ध्वजा बजरंगी की बाई हाथ में उठाली

चैनसभी पूनम का मेला लागे से भारी

दूर दूर से दर्शन करने आ गए नर नारी,

राज पाल और लखा की कोई बात नहीं टाली,

लाल ध्वजा बजरंगी की बाई हाथ में उठाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।