श्री मन नारायण

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विष्णु भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

श्री मन नारायण, भज मन नारायण ll

हरि, नारायण नारायण नारायण ll

लक्ष्मी, नारायण नारायण नारायण ll

श्री मन नारायण, भज मन नारायण ll

हरि, नारायण नारायण नारायण ll

सत्य, नारायण नारायण नारायण ll

ब्रह्मा नारायण, विष्णु नारायण ll

श्रीमन, नारायण नारायण नारायण ll

जय जय, नारायण नारायण नारायण ll

चंदा नारायण, सूरज नारायण ll

तारे, नारायण नारायण नारायण ll

माता नारायण, पिता नारायण ll

गुरु, नारायण नारायण नारायण ll

मुझ में नारायण, तुझ में नारायण ll

सब में, नारायण नारायण नारायण ll

यहाँ नारायण, वहाँ नारायण ll

यहाँ देखूँ वहाँ, नारायण नारायण नारायण ll

श्री मन, नारायण, भज मन नारायण ll

हरि, नारायण नारायण नारायण ll

लक्ष्मी, नारायण नारायण नारायण ll

श्री मन, नारायण, भज मन नारायण ll

अपलोड करता- अनिल रामूर्ति भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।