नाचे नाचेगी जाटनी दरबार सावरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा करने मैं दीदार आई खाटू के दरबार,

तेरे चरणों की सारी बाबा दुनिया भिखारी,

ले तू थाम ले कल्हाई इक बार सांवरियां ,

नाचे नाचे गी जाटनी दरबार सांवरियां,

वा तो हरियाणा ते चाली , सुनके महिमा निराली

घर ते चूरमा बनाके , पग धरे इठलाक़े

आओ भोग लगाओ , एक बार सावरिया

नाचे नाचेगी जाटनी , दरबार सावरिया ……..

पहरी जयपूर आली जूती , चाले जाटनी कसूती

पायल छम छम छम छम बाजे , आधा घूघट करके नाचे

कैसे धूम मचाई , तेरे द्वार सावरिया

नाचे नाचेगी जाटनी , दरबार सावरिया ……..

ओ मेरे खाटू वाले श्याम , मने एक जरुरी काम

म्हारी बिगड़ी बनादे , बाबा सोया भाग्य जगादे

मेरी सांसो तुमसे , जुड़े तार सावरिया

नाचे नाचेगी जाटनी , दरबार सावरिया ……..

तेरी दातारी का चर्चा , देता हाथो हाथ ये पर्चा

दे औकात से भी ज्यादा , कट जाए सारी बाधा

तेरा मोहन कौशिक और हरीश टाबरिया

नाचे नाचेगी जाटनी , दरबार सावरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।