अम्बे नाम का अमृत प्याला

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अम्बे नाम का अमृत प्याला भर भर पीते रहिये,

आंबे जगदम्बे नाम हर दम कहिये,

अम्बे नाम का अमृत प्याला

सब से पहले शेहासूता फिर भरम चारणी मात है,

तीजा नाम मेरी मैया का घंटा चंद्र सुगात है

प्राते उठ के जग जननी के चरणों में पढिये,

अम्बे नाम का अमृत प्याला

चौथा नाम है खुशमांदा देवी सकन्ध नाम है पांचमा,

कात्यानी है नाम सुहाना काल रात्रि सातवा,

गोरी नाम जाप करके नव दुर्गा भी कहिये,

आंबे जगदम्बे नाम हर दम कहिये,

चामुंडा वाराही अंदरि वशिनवी महीशा सना,

महेश्वरी कुमारी पगमा लक्ष्मी और गरुण सनहा,

सीता पार्वती गायति चाहे दुर्गे कहिये,

आंबे जगदम्बे नाम हर दम कहिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।