मेरा कस के पकड़ ले हाथ छुड़ाउ तो छुड़ाया नहीं जाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कस के पकड़ ले हाथ छुड़ाउ तो छुड़ाया नहीं जाए,

जब तक है जीवन मुझसे बाबा न बदले,

बदलने से पहले बाबा मेरे प्राण निकले,

मेरे सिर पर रख तेरे हाथ,

हटाउ तो हटाया नहीं जाए,

समय न निकालू अगर जो तेरी बंदगी का,

आखिरी दिन हो बाबा मेरी जिंगदी का,

मेरे दिल पर लिख तेरा नाम, मिटाऊ तो मिटाया नहीं जाए,

मेरा कस के पकड़ ले हाथ छुड़ाउ तो छुड़ाया नहीं जाए,

बंधन की डोर टूटे जिस दिन हमारी,

हाथो हाथ बंद कर देना धड़कन हमारी,

मेरा दिल किसी और के साथ लगाउ तो लगाया नहीं जाए,

मेरा कस के पकड़ ले हाथ छुड़ाउ तो छुड़ाया नहीं जाए,

तमना रहे मिलने की मिलने के बाद भी,

साथ रहना चाहता हु मरने के बाद भी,

तेरा नाम वनवारी भोले नाथ भुलाऊ तो भुलाया नहीं जाए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।