सच पूछो तो इस देश की पहचान है गंगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भारत के लिए भगवान का इक वरदान है गंगा,

सच पूछो तो इस देश की पहचान है गंगा

गिरी राज हमालय की बेटी ये महान है गंगा,

भारत माता के मस्तक का अभिमान है गंगा,

इस धरती के बेटो पर एहसान है गंगा,

लाखो करोडो होठो की मुस्कान है गंगा,

गंगा ही हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान है गंगा,

सच पूछो तो इस देश की पहचान है गंगा

है कोटी कोटी देवो के मंदिर इस के किनारे,

मंगल दुनिया होती है याहा पर सास सकारे,

जुग जुग से इस माता ने हमारे भाग्ये सवार,

ये याहा गई बन कर बलि पर तीर्थ प्यारे,

इस अपनी जन्म भूमि की जान है गंगा,

सच पूछो तो इस देश की पहचान है गंगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।