ग्यारस की रात हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना मांगे चांदी सोना ना मांगे हीरा मोती,

हो जाए दर्श तुम्हारा चाहता अपनी इकलौती,

जल्दी से जल्दी तुमसे मिलने की बात हो,

हम बैठे हो खाटू में कुछ ऐसी करा मात हो,

ग्यारस की रात हो

हम ने तो अर्ज गुजारी आगे मरजी है तुम्हारी

हम तो बेताब बड़े है पाने को झलक तुम्हारी,

भागो वाला दिन भागो वाली वो रात हो,

हम बैठे हो खाटू में कुछ ऐसी करा मात हो,

ग्यारस की रात हो

प्रभु इतनी किरपा करदो,

हो गा उपकार तुम्हारा

आ पाए हम खाटू में करने को भजन तुम्हारा,

बाबा तेरे भगतो के सिर पर तेरा हाथ हो,

हम बैठे हो खाटू में कुछ ऐसी करा मात हो,

ग्यारस की रात हो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।