झोली भर भर देता है ये मेरा लखदातार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भक्ति भाव से बाबा मैं तुझको रिझाती हूँ

कर दे कर दे मेहर तू करदे मैं ये फरियाद सुनती हूँ

श्याम मंदिर के देख नज़ारे महिमा अपरम्पार

झोली भर भर देता है ये मेरा लखदातार

हारे को सहारा दे ये रोते को दे खुशियां

इसीलिए झुकती है देखो सारी आज है दुनिया

याद मैं तुझको करके बाबा लिखती हूँ अब चिट्टियां

तू सुनले मेरी पुकार

झोली भर भर देता है ये मेरा लखदातार

रींगस से हम खाटू जाते लेकर तेरा निशान

पग पग चलकर बाबा हम तो लेते तेरा नाम

बच्चो के कष्टों को हरना बाबा तेरा काम

लो आ गई तेरे द्वार

झोली भर भर देता है ये मेरा लखदातार

भजनो की माला को लेकर आई तेरे द्वारे

तेरी वर्तिका मेरे बाबा तुझको ही तो पुकारे

अश्क़ो से मेरे ये आंसू तेरे चरण पखारे

मैं भूल गई संसार

झोली भर भर देता है ये मेरा लखदातार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।