कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृंदावन मे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृंदावन मे

तेरी मुरली की धुन जो बजती है,

सारी गोपियों को प्यारी लगती है ।

कैसा जादू भरा इन तानों मे,

कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृंदावन मे ॥

तेरी जमुना की निर्मल धारा है,

सभी पापियों को इस ने तारा है ।

कैसा जादू भरा इन लेहरो मे,

कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृंदावन मे ॥

तेरे मंदिरों मे चेन मिलता है,

फूल मुरझाया फ़िर से खिलता है ।

कैसा जादू भरा इन नेनो मे,

कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृंदावन मे ॥

Uploaded By : श्रवन बठला, करनाल 9812312425

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।