मैया का जगराता है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हे जगराते की है भगतो झूमो नाचो गाओ,

मांगनी है जो भी मुरादे मैया को सुनाओ,

मैया का जगराता है,

ओ मैया शेरावाली ओ मैया मेहरा वाली,

सब के संकट हरती माँ सब की झोलियाँ भर्ती,

बोल माँ के जय कारे मैया जी पार लगा दे,

सब की नैया भव से माँ मैया जी पार लगाए ,

मैया के दर पे आओ मैया के दर्शन पाओ,

मैया जी से मांग लो भगतो कभी नहीं शरमाओ,

मैया का जगराता है,

जागरण रात है आई रात है खुशिया छाई,

दे सब को आज वधाई जिनके घर मैया है आई,

सभी संतो को बुलाया भगति है भाव बढ़ाया,

मैया से लगन लगाया श्री आदि गणेश मनाया,

मैया की भेटे गाओ मैया को खूब रिजाओ,

जागरण की रात है भगतो सोया भाग जगाओ,

मैया का जगराता है,

हो माँ करुणा की सागर हो माँ ममता की छाया ,

भेद मैया जी तेरा कोई भी जान न पाया ,

तू है माँ शेरावाली तुझमे संसार समाया,

हाथ तेरे माँ भोले सारे जग की है डोली,

है हम तो तेरे सहारे तू ही अब पार उतारे,

अभिशेख को चरणों में मैया जी को लगायो,

मैया का जगराता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।