ओ मेरे भोले बाबा ओ मेरे भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

करके नंदी की सवारी आजा भोले भंडारी आके भगतो को दर्श दिखा जा,

ओ मेरे भोले बाबा ओ मेरे भोले बाबा,

लंका दान किया जब से कैलाश पर आये है,

अपने इष्ट को ध्यान धर समाधि वही लगाए है,

हुआ कष्ट जो देवो को दर पे टेर लगाए है

किया देवो ने विचार करो दुष्टो का संगार,

दुखियो के दुःख को मिटा जा ,

ओ मेरे भोले बाबा ओ मेरे भोले बाबा,

गले में सोहे कालीया सिर पे चन्दर माँ विराजे,

बड़ी बड़ी जटाओ से गंगा रहे वहाये,

माँ गोरा के संग में शोभा अति पा रहे,

डम डम डमरू भजाते भूत प्रेत को नचाते

मेरे मन की धरि बंधा जा,

ओ मेरे भोले बाबा ओ मेरे भोले बाबा,

तेरे दर्श की भगतो ने राहो में पलके बिछाये है,

भांग धतूरा की भगतो ने डेराम ढेर लगाए है,

जल्दी आना भगतो ने यही टेर लगाए है,

अब करो न विलम्भ मेरा निकल रहा दम

मेरा जीवन सफल बना जा,

ओ मेरे भोले बाबा ओ मेरे भोले बाबा,

तुम तो बड़े दयालु हो मुझपे मेहर कर देना,

मेरी नैया डोल रही आके पार लगा देना ,

दास भगत की अर्ज यही है आके बाहे पकड़ लेना,

सुनो विनती हमारी आओ भोले भंडारी हम सब को दर्श दिखा जा,

ओ मेरे भोले बाबा ओ मेरे भोले बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।