माँ करके तेरा शृंगार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ करके तेरा शृंगार करू दीदार मैं पल पल तुझे निहारु,

जी चाहे सो सो बार आज तेरी नजर उतारू,

माँ तेरी चुनरी में रंग में इंद्र धनुष के सारे,

चंदा ने किया उजाला चमके कई सितारे,

चुड़ा है गुडा लाल हे मेहँदी कमाल जान बिंदियां पे वारु ,

जी चाहे सो सो बार आज तेरी नजर उतारू,

सुख बरसे अम्बर से माँ जब तेरी झंझार झनके

जी चाहे मैं तुझे रिजाऊ नाचू जोगी बन के

तेरा लीलू आशीर्वाद ओ आंबे मात मैं अपने भाग स्वारू,

जी चाहे सो सो बार आज तेरी नजर उतारू,

तेरी ज्योत जगा के सारी रात करू तेरा जगराता,

भेटो में मैं कह दू अपने मन की बात ओ माता,

संतो भगतो के साथ जोड़ कर हाथ ये पावन रात गुजारु,

जी चाहे सो सो बार आज तेरी नजर उतारू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।