दे बंदगी दे बंदगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दे बंदगी दे बंदगी ,

तुझे पाने का, सरल सबसे उपाय ,

जिससे तू मिल जाए, बने जिंदगी ,

दे बंदगी दे बंदगी

रंग भजन का तबहै, मन पे चढ़ता

सत्संग में जब कोई आगे बढ़ता

दे बंदगी दे बंदगी

बिन संतो के सत्संग भी नहीं मिलता,

आनंद हरि कृपा से संतहै मिलता

दे बंदगी, - दे बंदगी..

तुझे पाने का, सरल सबसे उपाय

जिससे तू मिल जाए, बने जिंदगी

दे बंदगी, - दे बंदगी..

धुन्न : (तर्ज़)

ओ हंसिनी,ओ हंसिनी..

भजन रचना ::

*श्रद्धेय बलराम जी उदासी,

एकादशी वाले, बिलासपुर छ. ग.

98271-11399..

70004-92179..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।