थारी काय करू जी मनवार सांवरिया महारा गिरधारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थारी काय करू जी मनवार सांवरिया महारा गिरधारी,

हाथ जोड़ नरसी जी बोलिया,

किस विधि थाने मनाऊ,

दादी तकियाँ नहीं पास में आसान काही बिछाउ,

हे तो हिरदये विराजो दीना नाथ जी,

सांवरिया महारा गिरधारी,

मांगे मिले न जून जगत में भोजन काही बनाऊ,

खाली लोटा नहीं पास में जो गिरवी मै ल्याउ,

मने कोई न देवे जी उधार

सांवरिया महारा गिरधारी,

म्हारे भरोसे थे मत रीजो सांवरिया सुन ले जियो,

संग रसोई लाया हो तो थे भोजन कर लीजियो,

ये तो दुनिया का पालनहार जी

सांवरिया महारा गिरधारी,

दो चार तुम्बा भर लाओ जो ते पीवो पानी,

संग में थारे राधा रुक्मणि बन आई सेठानी,

थारा पुरण रूप अपार जी,

सांवरिया महारा गिरधारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।