अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये,

राम लला आये अवध में राम लला आये,

अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये,

आज अवध में चारो और भगवा रंग है छाया,

राम लला के आने से हर दिल ने है राम गीत है गाया,

आज कोशलेया नन्द सब के मन को है भाये,

अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये,

ढोल नगाड़े तासे भाजे और भजे मिरदंग

सीता मैया लक्ष्मण भैया हनुमत मीरा संग,

बरस रस धार प्रेम के बदल है छाए,

अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये,

राम राज्ये अब आ गया हो गई चारो और खुशाली,

अखियां तरस गई थी दर्श को ,

आगि आज दीवाली

लिखे राम केश पापा और बेटी कवी सिंह गाये,

अवध में हो रही जय जय कार आज है राम लला आये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।