लागि छूटे ना लागि छूटे ना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लागि छूटे ना लागि छूटे ना

श्याम हमारा रूठे ना।।

भजले श्याम फिर ये जनम दोबारा मिले ना मिले,

मझधार में माझि तो मिलेगा किनारा मिले ना मिले,

ये जीवन है कर्ज प्रभु का व्यर्थ कही न जाए,

दुनिया की रौनक में मन का मीत बिछड़ न जाए,

ढूंढे से तुम को कही श्याम प्यारा मिले न मिले,

मन मन्दिर में श्याम वसा कर बस एक वार निहारो,

मिल जाए जब नैन प्रभु से प्रेम से नाम पुकारो,

नैनो को नैनो से इशारा मिले न मिले,

सोच समझ जीवन में संजू क्या खोया क्या पाया,

माटी की इक काया पा कर दिन दिन तू इतराया,

जाने के बाद नामो निशा तुम्हारा मिले न मिले,

Pyasa gayak

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।