ये तन भी तेरा है ये मन भी तेरा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये तन भी तेरा है ये मन भी तेरा है

सबकुछ तेरा है मेरे श्याम

तुम्हारा अर्पण तुम्हे किया

ये दिल भी तेरा है ये जॉ भी तेरा है

सबकुछ तेरा है मेरे श्याम

क्या लेकर मैं आया जिसका अभिमान करु मैं

मेरा क्या जाएगा जिसकेलिये डरू मैं

मांगा है आपसे तुमने ही है दिया

ये तन भी तेरा है

प्रभु मेरे इन कर्मोपे लगाले अपना पहरा

मैं मूरख अज्ञानी तू परमेस्वर ठहरा

जब जब खाई ठोकरें तुमने बचा लिया

ये तन भी तेरा है

मेरी डोरी तेरे हाथमे जैसे चाहे नाचाले

(रोमी) भगतों की इस अर्जी को चरणोंसे अपने लगाले

सेवा में आपके लाता रहे जिया

ये दिल भी तेरा है ये जॉभी तेरा है

सबकुछ तेरा है मेरे श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।