डी जे वाले भाई जरा गाना बजाजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

डांस की डिमांड करे चले गणराजा ,

डी जे वाले भाई जरा गाना बजाजा,

डोल्कियाँ लाना नया जमाना,

ढोल भजाना फैशन है पुराना,

कोई बहाना अब न बताना,

बीज गली में चल डी जे भजाना,

धूम वो मचा देंगे खवर्षा पे ताजा,

डी जे वाले भाई जरा गाना बजाजा,

मुखड़ा नागिन सुनते गए दिन अरे मन नहीं माने देवा के भजन बिन

ताल भजावि भंडारा धमाल अरे भजे जोर से तो उड़े गुलाल,

भाग लिया जाए धनो खोल के दरवाजा,

डी जे वाले भाई जरा गाना बजाजा,

चले गणेशा घड़ी ये आई ख़ुशी ख़ुशी कर देवा की विधाई,

गणराजा का नाम है जपना,

अब इक वर्ष तक अब रस न चखना,

कोई नहीं बोले मनोहर देवा आज न जा

डी जे वाले भाई जरा गाना बजाजा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।