लड़ती है नज़र तुमसे तो लड़ने दे कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लड़ती है नज़र तुमसे तो लड़ने दे कन्हैया

तेरे नाम का नशा है तो चढ़ने दे कन्हैया

बरसों से जुबां चुप है और होंठ ये सिले हैं

मौका मिला तो बातें कुछ करने दे कन्हैया

तेरे नाम का नशा है तो चढ़ने दे कन्हैया

दीवार हर गिरा दो होने दो मिलान अपना

क्यों रोकते कदम हो इन्हे बढ़ने दो कन्हैया

तेरे नाम का नशा है तो चढ़ने दे कन्हैया

मुझे aam नहीं समझो मैं बेधड़क हूँ इशरत

मुझे आम नहीं समझो हम बेधड़क हैं आशिक़

हम प्यार कर रहे हैं तो करने दो कन्हैया

तेरे नाम का नशा है तो चढ़ने दे कन्हैया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।