मेरी विनती सुनलो जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी विनती सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार

मेरी अर्ज़ी सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार

मेरा पल्ला पकड़ के रखना हे जग के पालनहार

मेरी विनती सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार

तेरे संग शाम मेरी तेरे संग सवेरा है

तेरे संग उजाला है बिन तेरे अँधेरा है

है सब कुछ सांवरे तेरा तू जीवन का आधार

मेरी विनती सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार

दर्द के समंदर का तू ही किनारा है

टूट के जो बिखरुं तो तेरा ही सहारा है

ये जीवन तुझपे वारा मैंने तो बारम्बार

मेरी विनती सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार

जिसका तू मीत प्यारे वो कभी ना हारा है

कृपा का सागर है तू हारे का सहारा है

ये जीवन उसका खारा है जिसे मिला ना तेरा प्यार

मेरी विनती सुनलो जी हे गोविन्द हे सरकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।