आज बुधवार है गनायक जी का वार है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आज बुधवार है गनायक जी का वार है,

भगति का ये सार है पूजे जो श्री गणपति जी को उसका बेडा पार है,

आज बुधवार है गनायक जी का वार है,

सब देवो में गजानन जी पहले पूजे जाते है ,

इक दंत और दया व्यंत शिव नंदन वो कहलाते है,

गणपति भप्पा मोरियाँ की महिमा अप्रम पार है ,

पूजे जो श्री गणपति जी को उसका बेडा पार है,

आज बुधवार है गनायक जी का वार है,

माथे पे सिंदूर है सोहे मूसे की सवारी है,

विघ्न विनाशक गणपति जी की महिमा जग से न्यारी है,

तेरी लीला की गाथा गाते ये संसार है,

पूजे जो श्री गणपति जी को उसका बेडा पार है,

आज बुधवार है गनायक जी का वार है,

आंधे को तुम आंख हो देते कोडीन को भी काया है

बंजन को तुम पुत्र हो देते निर्धन को भी माया है,

रिद्धि सीधी दातार है करुणा की तू धार है,

पूजे जो श्री गणपति जी को उसका बेडा पार है,

आज बुधवार है गनायक जी का वार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।