ज़िंदगी श्याम की ईमानत है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ज़िंदगी श्याम की ईमानत है,

संवारा करे हिफ़ायस्त है ,

ज़िंदगी श्याम की ईमानत है

रिश्तो की कीमत समझना जरुरी,

इनके बिना है जिंगदी अधूरी,

जिंदगी श्याम की इनायत है,

संवारा करे हिफ़ायस्त है ,

ज़िंदगी श्याम की ईमानत है

मुश्किल से पाया मानव जन्म है,

अपना पराया बस ये भरम है,

जिंगदी श्याम से सलामत है,

संवारा करे हिफ़ायस्त है ,

ज़िंदगी श्याम की ईमानत है

मुख जिंदगी से ना मोड़ना तू ,

मोहित भरोसा न छोड़ना तू,

बस यही श्याम हिदायत है ,

संवारा करे हिफ़ायस्त है ,

ज़िंदगी श्याम की ईमानत है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।