कहते है आप विधाता तेरी जय हो संतोषी माता

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कहते है आप विधाता तेरी जय हो संतोषी माता,

गजानन की सुता तुझे सब का पता तेरा कण कण में वास पूरी कर देना आस,

कोई और न तुजसे बाबा तेरी जय हो संतोषी माता,

मैया चार बुजा वाली तू है महाबली शाली,

तेरी शरण में जो आये मन चाहा फल पाए,

तेरी महिमा है संसार गाता

तेरी जय हो संतोषी माता,

तेरी शक्ति अपार करती सपने साकार

झोली भर्ती हो माँ चिंता हरती हो माँ,

तेरा भक्त हर दम सुख पाता,

तेरी जय हो संतोषी माता,

तेरा व्रत जो करे बेडा उस का तरे,

सिद्ध होते है काज सदा रखती हो लाज,

दुःख उसके निकट न आता,

तेरी जय हो संतोषी माता,

तेरी दया से वर दाती माटी सोहना बन जाती,

तेरे ध्यान में जो खोये बाल बांका न होये,

तेरा जाप न निष् फल जाता तेरी जय हो संतोषी माता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।