गोरा बोले सुना स्वामी रिनिया रिनिया नस आओ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा बोले सुना स्वामी रिनिया रिनिया नस आओ,

मापे लाइ लड़ तुसा दे होर न मेरे बस दा ओ,

गोरा बोले सुना स्वामी रिनिया रिनिया नस आओ,

शंकर बोले सुन मेरी भोला रुकना नहीं मेरे वस् दा ओ,

जादू तेरा नस नस रचिया ताहि रोंदा कदी हसदा ओ,

करियो माफ़ तुसा मेरे स्वामी कद गंगा जटा विचो रख दे,

सोखन दा दुःख सेहा नहीं जांदा सोका समी नि जच्दा ओ,

शंकर बोले सुन मेरी गोरा तू मेरे दिल विच वसदी ओ,

गंगा जटा विच कैद विचारी ताहि तेरे ते मैं नस्दा हो,

गोरा बोले सुना स्वामी भाई बंधू गुलाला ओ,

जादू तुसा दा आप कडाना यह कम मेरे वस् दा हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।