यहीं है कृष्ण यहीं है राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरे कृष्ण हरे राम हरे कृष्ण हरे राम

करके दरश प्रभु के हो जाते सारे काम यहीं है कृष्ण यहीं है राम

यहीं है श्याम यहीं घनश्याम

जिस ही रूप में जिसने पुकारा

प्रभु ही उनका बने है सहारा

हरे कृष्ण हरे राम हरे कृष्ण हरे राम

तेरा भार सारा उतारेंगे, तेरी डोर जीवन की थामेंगे

तेरा भार सारा उतारेंगे, तेरी डोर जीवन की थामेंगे

तेरे संग प्रभु रहेंगे, हर पल सुबह शाम

तेरे संग प्रभु रहेंगे हर पल सुबह शाम

हरे कृष्ण हरे राम हरे कृष्ण हरे राम

तुझे बीच भंवर ना छोड़ेंगे, तेरे संग प्रीत ना तोड़ेंगे

तुझे बीच भंवर ना छोड़ेंगे, तेरे संग प्रीत ना तोड़ेंगे

संवर जाएंगे सारे काम, तू ले प्रभु का नाम

संवर जाएंगे सारे काम तू ले प्रभु का नाम

हरे कृष्ण हरे राम हरे कृष्ण हरे राम

कीर्ति काहे घबराती है, कान्हा तो दुख के साथी है

कीर्ति काहे घबराती हैं, कान्हा तो दुख के साथी है

करके दरश प्रभु के हो जाते सारे काम

करके दरश प्रभु के हो जाते सारे काम

हरे कृष्ण राम हरे कृष्ण हरे राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।