वेखो जी वेखो मेरे गुरु जी आये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

देवतेया ने आज फूल बरसाए वेखो जी वेखो मेरे गुरु जी आये,

सबना ने आके शीश झुकाये वेखो जी वेखो मेरे गुरु जी आये,

धन धन पिता ने धन धन माता जिह्ना घर आया जगत दा दाता,

सब न ने आके दर्शन पाए, वेखो जी वेखो मेरे गुरु जी आये,

मस्तक गुरु जी दा जग मग करदा चरना विचो अमृत वसदा,

पल विच होये दुःख दूर सारे,

वेखो जी वेखो मेरे गुरु जी आये

सबना विच तेरा नूर ही वसदा,

जो दर आये सो है तर दा,

मितिया अँधेरा जग तो दीप चमकाए,

वेखो जी वेखो मेरे गुरु जी आये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।