मन उसी की करो प्रार्थना

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॥ पावन पाठ ॥

मन उसी की करो प्रार्थना ,मन उसी की करो प्रार्थना .

जिसने जीवन दिया ,जिसने दिन आत्मा ,

जो है संसार में सबका परमात्मा ... मन उसी ....

जग में सबसे बड़ी एक ही शक्ति है .

उसकी भक्ति से बढकर नहीं भक्ति है .

छल कपट लोभ के सारे संताप से ,

बस उसी की शरण में तेरी मुक्ति है .

वो हरेगा तेरी यातना ...मन उसी .....

भेद वो तो किसी में नहीं देखता .

चाहता है वो सब में रहे एकता .

उसको इंसान बनकर दिखाएंगे हम ,

क्या हुआ बन ना पाए अगर देवता .

जिसने दिन ये हमें भावना ...मन उसी ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।