बाबा की याद मुझे पल पल सताती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा की याद मुझे पल पल सताती है,

खाटू से लौट ते ही आँख भर आती है,

प्रेमियों में वस्ती है बाबा की जान,

मेरे साथ रहना ओ मेरे श्याम,

सब से पेहले लूँगा बाबा तेरा ही नाम,

खाटू में श्याम आया करू भजनों से तुझे मैं रिजाया करू,

श्याम ओ मेरे श्याम मैं तेरा लाडला,

तेरे प्रेमियों में महसूस तुझे करू,

उनके ही चेहरों में दर्शन तेरे करू,

श्याम तेरे प्रेमी बड़ी सचे दिल के है,

बाबा तुझे भाव से वो रिजाते ही रहे,

मैं तो ऐसे प्रेमियों को देखता ही रहा,

श्याम ओ मेरे श्याम मैं तेरा लाडला

मौज में ही रेहना ये सीखा मैंने है,

मौज मिली मुझको तेरे दर से है,

कितनी भी मुश्किल खडी डरता मैं नही,

मुश्किल को भी मैं कह दू थम जा तू यही ,

बाबा मुझे डर न अब तू जो साथ है,

श्याम ओ मेरे श्याम मैं तेरा लाडला

आखरी तमाना तेरे चरणों में रहू,

अंत समय बाबा तेरा ही नाम लू,

सांवरियां सुन ले मेरी बस ये प्राथना

खाटू से नही मुझे जाना है कहा,

श्याम शुभम तेरे है प्रेमी दीवाने,

श्याम ओ मेरे श्याम मैं तेरा लाडला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।