आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

थारा भगत लगावे जय जय कार श्याम थारे कीर्तन में,

खुभ सजो दरबार आप को फुला रो नही पार

ध्वजा पताका चारो कानी लटके बादरवार,

उड़े इतर फुलेल गुलाल,श्याम थारे कीर्तन में,

आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

चवर धुले थारे चारो कानी भक्त करे मनवार ,

छप्पन भोग सजावा बाबा खेर चुरमो तयार ,

लावा लावा जी मैं वारा भर भर थाल,श्याम थारे कीर्तन में,

आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

हाथ जोड़ कर शीश जुकाऊ माहरे कानी जानकी ,

भगता रा भगवान संवारा राख लाख जो राखी,

आयो जी आयो जी शरना में थारी श्याम,

आज थारे कीर्तन में,

आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

न जणू मैं सेवा पूजा तने छोड़ कोई और,

ये महारा वो मैं हु तोरो भगता रा सिरमोर

वो तो हारो को सहारो बाबा श्याम ,

श्याम थारे कीर्तन में,

आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

हाथ राख जो माहरे सिर पे जपु सदा थारो जाप,

व्यास थारे चरना को चकार भूल करी जो माफ़,

वो तो बड़ा रे दयालु बाबो श्याम आज म्हारे कीर्तन में,

श्याम थारे कीर्तन में,

आवो आवो जी खाटू का राजा श्याम आज माहरे कीर्तन में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।