दानव दलन कर आई भवानी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दानव दलन कर आई भवानी,

विकराल रूप लई माई शेरावाली,

काली काली अमावस रात,

भज रहे भेरो हनुमान लिए झंडा नाच रही काली आज,

केश बिखराए घनघोर काले,

छम छम बाजे माई की पायल,

ले अष्ट भुजा घरयाल,

भज रहे भेरो हनुमान लिए झंडा नाच रही काली आज,

अंगारे उगले लाल लाल नैना ,

लप लप निकले जीब लाल लाल मुख से ज्वाला है निकली आज,

भज रहे भेरो हनुमान लिए झंडा नाच रही काली आज,

गले में टांगी दानव की मुंड ,

कमर बाँधी दानव के हाथ,

करे बारहा शिंगार आज,

भज रहे भेरो हनुमान लिए झंडा नाच रही काली आज,

पापी ये धरती गूंजा ये अम्बर जब महाकाली हुंकार भर्ती,

भिख्रे दानव की मुंड हजार ,

भज रहे भेरो हनुमान लिए झंडा नाच रही काली आज,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।