पकड़ ले पाँव तू कस के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये दर वो दर नहीं है जो सिफाऱिशियो से चलता है,

यहां पे काम तो प्यारे सत्ये के दम पे बनता है,

सुनाले बस भजन दिल से दर्द वो खुद समझ लेगा,

पकड़ ले पाँव तू कस के हाथ वो खुद ही पकड़े गा,

झुका ले सिर को तू अपने हिरदये से खुद वो लिपटेगा

बांटने की तमाना रख लुटाने खुद वो बैठा है,

पकड़ ले हाथ निर्बल का जिताने खुद वो बैठा है,

ना तू गबराया रुकावट से वो खुद ही सब निपट लेगा,

पकड़ ले पाँव तू कस के हाथ वो खुद ही पकड़े गा,

खामियों को ही रटने की पुराणी आदत है जग की,

खूबियों को परख ने की खासियत है तेरे दर की

सुभम रूपंम हार को भी जीत में वो बदल देगा

पकड़ ले पाँव तू कस के हाथ वो खुद ही पकड़े गा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।