आओ आओ सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ आओ सांवरिया बेगा आओ जी मोजी भोग लगाओ,

है छप्पन भोग त्यार जी थारा टाबरियां करे है मनोहर जी,

केसरियां बर्फी कलाकंद रबड़ी पेड़ा अमरतीति बालूशाही,

लाडू बुँदियाँ जलेबी रसगुल्ला गाजर पाक रास मालाई,

गुलाभ जामुन शकर पारा घेवर न्यारा न्यारा,

जीमे आवे माहरे हाथा सु खावो जेव्वो जी भोग लगावो,

है छप्पन भोग त्यार जी थारा टाबरियां करे है मनोहर जी,

दाल मोठ पकोड़ी कचोरी गुजिया पापड चिवनो ,

करि रावडी साग संग ऋ को बाजरे को बाबा खीचड़ो,

रायते में जीरा के तड़को पीयो बार सबर को,

सके काजरे की चटनी चटाओ जीमो जी भोग लगाओ,

है छप्पन भोग त्यार जी थारा टाबरियां करे है मनोहर जी,

आम अमरूद अंगूर अननाश अल्लू भुखरा अनार धरैया,

केला सेब पपीता चीकू संतरा मौसमी रस धार धरया,

टाबरियां लाल माधिरा निम्भू टमाटर खेरा,

निम्भू काटो है थोड़ो छिड़काव जीवो जी भोग लगाओ

है छप्पन भोग त्यार जी थारा टाबरियां करे है मनोहर जी,

काजू किशमिश नोजा खुरमाणी खोपरा शुवारा बदाम लियो,

जिम झूठ और आचमन तरसे फिर थोड़ा आराम लियो,

सोफी इलायची हाजिर करदी सागे मिश्री धर दी,

कोई नगरियां पान चिभाओ जीवो जी भोग लगाओ

है छप्पन भोग त्यार जी थारा टाबरियां करे है मनोहर जी,

छप्पन भोग परोसा थारे भगता श्याम धनि स्वीकार करो,

सरल वनवारे महिमा है गावे ान धन रो भण्डार भरियो,

लीला थारी सब जग जानी जय हो शीश के दानी

बिगड़ी मेहरा की फिर तो बनाओ जीमो जी भोग लगाओ,

है छप्पन भोग त्यार जी थारा टाबरियां करे है मनोहर जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।