हरी मैं तेरा तू है हमारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी मैं तेरा, तू है हमारा

हरी मैं तेरा, तू है हमारा

तेरे सिवा मेरा, न कोई हमारा

श्यामसुंदर हे, प्रीतम प्यारे,

साथ हो सबके, सबके सहारे

तेरे सिवा मेरा,न कोई हमारा, हरी मै तेरा..

हे मनभावन, कृष्ण कन्हैया,

गोपिवल्लभ, बंसी बजैया!!

तेरे सिवा मेरा,न कोई हमारा, हरी मै तेरा..

बांके बिहारी,हे बनवारी,

गोविंद प्यारे,हे गिरधारी,

तेरे सिवा मेरा,न कोई हमारा, हरी मै तेरा..

सारे जग के पालनहारे,

शरणागत के तारणहारे

तेरे सिवा मेरा,न कोई हमारा,

हरी मैं तेरा,तू है हमारा

तेरे सिवा मेरा, न कोई हमारा

भजन रचना ::

श्रद्धेय बलराम जी उदासी,

एकादशी वाले, बिलासपुर छ. ग.

98271-11399..

70004-92179..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।