भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

मीरा ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

देखो प्याले में आ गये नंदलाला भजो.

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला.

द्रोपदी ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

देखो साड़ी में आ गये नंदलाला भजो

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

शबरी ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

देखो बेरों में आ गये नंदलाला

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

पृहलाद ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

देखो खमभे में आ गये नंदलाला भजो..

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

नरसी ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

देखो भात भराय गये नंदलाला

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

अर्जुन ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

रणभूमि में आ गये नंदलाला देखो ज्ञान सिखा गये नंदलाला

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

भक्तों ने तुझे पुकारा है तूने आकर दिया सहारा है

देखो कीर्तन में आ गये नंदलाला

भजो गोविंद गोविंद गोपाला मुझे तेरा ही सहारा नंदलाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।