यु राम केह रहे थे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

यु राम केह रहे थे कही वक़्त टल ना जाए,

बजरंग के आते आते सूरज निकल न जाए,

यु राम केह रहे थे कही वक़्त टल ना जाए,

चल तो दिए है हनुमत संजीवनी को लेने

रस्ते में कोई दुश्मन कही चाल चल न जाए,

बजरंग के आते आते सूरज निकल न जाए,

यु राम केह रहे थे कही वक़्त टल ना जाए,

कर तो दिया है जख्मी कुछ सोचा न भरत तुमने,

मेरे पोंछ ने से पेहले कही रात डर न जाए,

बजरंग के आते आते सूरज निकल न जाए,

यु राम केह रहे थे कही वक़्त टल ना जाए,

फिर वान पे बिठा के यु बोले भरत ग्यानी

बजरंग कही लंका से आगे निकल ना जाए,

बजरंग के आते आते सूरज निकल न जाए,

यु राम केह रहे थे कही वक़्त टल ना जाए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।