मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से

झुकता रहे ये सिर सदा चरणों में आप के,

मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से,

जीवन की डोर सँवारे बाँधी न सोच कर,

जाना न दूर सँवारे दिल मेरा तोड़ कर

मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से,

देखा करू मैं आप को दुनिया की भीड़ में ,

नैनं में तेरी मूरति दिल बैठा हार के ,

मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से,

मारके भी नाम आप से चलता रहे मेरा,

जीने की लोह लग गईं चरणों में आप के,

मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से,

दीवाने तेरे नाम के दुनिया में और भी,

जसविंदर चहल दीवाने की दुनिया है आप से,

मेरा तो रिश्ता सँवारे जन्मो का आप से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।