पांडवा ने बनाया भवन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शम्भु वैद नाथ तेरे द्वारे ओना पांडवा ने बनाया भवन,

भोले वैद नाथ इ था रेहना पांडवा ने बनाया भवन,

रावण था तेरी पिंडी लंका लेइ चलैया

तुसा नहीं था लंका कॉल जाना पांडवा ने बनाया भवन,

लघुशंका लाइ रावण जो पारी,

इक ब्रामण जो पिंडी संभाली पांडवा ने बनाया भवन,

पिंडी ता तारी होइ बूढ़े बहमने नु,

करती पर सिर ते रखी प्यारी,

पांडवा ने बनाया भवन,

लघुशंका करि रावण ये आया,

पिंडी नीच कोई गेर हारी,

पांडवा ने बनाया भवन,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।