तीनो लोक में है तेरा बोल बाला

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तीनो लोक में है तेरा बोल बाला,

हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला,

याहा बोल बाला वाहा बोल बाला,

हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला,

तेरे जैसा दुनिया में कोई न दानी,

तू ही आध शक्ति तू ही माँ भवानी,

कोई तुझसे अच्छा नही देने वाला,

हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला,

तेरे नूर से चाँद की चांदनी है,

सूरज में माता तेरी रोशनी है ,

तेरी जगती ज्योति का जग में उजाला,

हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला,

मुसीबत में जब जिसने माँ को पुकारा,

उसे दाती माँ दिए है सहारा,

गिरते हुए को माँ तूने संभाला,

हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला,

तमाना है दिलकश की माँ शेरावाली,

मिटा दो मेरे सारे गम मेहरवाली,

तेरा द्वार है माँ बड़ी शान वाला,

हे मात ज्वाला हे मात ज्वाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।