तू तो बड़ा है अन्तर्यामी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू तो बड़ा है अन्तर्यामी तुझसे क्या छुपाये,

दूर करो हर देवश भावना प्रेम की ज्योत जलाये,

तू तो बड़ा है अन्तर्यामी तुझसे क्या छुपाये,

सत्ये राह का दामन थामे धर्म के पथ पे चले

जो भी निर्धन दुखी मिले तो थामे हाथ बड़े,

क्या तेरा क्या मेरा है ये भाव कभी भी न आये,

तू तो बड़ा है अन्तर्यामी तुझसे क्या छुपाये,

प्रेम की भाषा हो जीवा पे तो ही तो हम कुछ बोले

कुण्ठ इतना हो मन निशल ये भाव कभी न तोले

वैर कभी न मन में हो न पाप कभी भी न आये,

तू तो बड़ा है अन्तर्यामी तुझसे क्या छुपाये,

भूल से भी भूल अगर हो तो स्वीकार करे हम,

ज्ञान का गागर कितना भरे हो भी स्वीकार हम,

इतना आदर देना मन में कोई भी रूठ न पाए,

तू तो बड़ा है अन्तर्यामी तुझसे क्या छुपाये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।