माता सीता जी केहदो हनुमान जी से

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,

थोड़ी राम जी की भगति का प्रशाद दे दे,

बड़ी है दयालु सब की विनती सुनती

जो भी चरण में आये रामा भक्त करते,

माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,

मेरे मन का भी सकल विषाद हर ले,

हनुमत सा कोई बलवान नहीं है

उनसा जगत में बुद्धिमान नहीं है,

माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,

मन में मेरे भी भगति का अनुराग भर दे,

संकट पड़े तो हनुमान को पुकारो,

अपने मन में पावन शक्ति जगाओ,

माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,

मेरे जीवन में भगति का इक स्वाद भरा दे,

माता सीता जी केहदो हनुमान जी....

मन में मेरे रामजी की भगती जागे

हनुमत मेरे सिर पे हाथ रखदे,

माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।