शिर्डी के साईं बाबा संतो के संत साईं

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॥ पावन पाठ ॥

शिर्डी के साईं बाबा संतो की संत साईं,

संत शरोमानी तुम रिधि सीधी तुमने पाई,

शिर्डी के साईं बाबा संतो के संत साईं,

अपनी असीम किरपा से मुर्दों में जान डाली ,

भग्यो की तुम हो बाबा तुम बन गए हो मालिक,

मालिक तो सबका इक है ये बात है बताई,

संत शरोमानी तुम रिधि सीधी तुमने पाई,

शिर्डी के साईं बाबा संतो के संत साईं,

पानी के दीप साईं तुमने याहा जलाये,

चमत्कार किये ऐसे बिछडो को भी मिलाये,

तुमने किरपा कर के मुक्ति याद करवाई,

संत शरोमानी तुम रिधि सीधी तुमने पाई,

शिर्डी के साईं बाबा संतो के संत साईं,

शिर्डी में आके ठेहरे इस नाम की है लेहरे,

दर्शन को रोज आते लाखो करोडो चेहरे,

विनती करे अशोक ये है श्रधा सबुरी छाई

संत शरोमानी तुम रिधि सीधी तुमने पाई,

शिर्डी के साईं बाबा संतो के संत साईं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।