जय शारदा माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय शारदा माँ जय शारदा माँ जय शारदा माँ,

सुबह सवेरे जपो शारदा माँ बन जायेगे तेरे बिगड़े काम,

हाथ उठा के बोलो ताली भ्जाओ शारदा मैया की जैकार लगाओ,

मिल के बोलो जय जय शारदा माँ,

जय शारदा माँ जय शारदा माँ जय शारदा माँ,

जिनके पास दोनों हाथ वो भ्जाये ताली,

जिनके पास हाथ नही वो बैठे रहे खाली,

शारदा माँ की पूजा करलो हाथ में लेलो थाली,

भजन करलो भगतो करलो क्यों बेठे हो खाली,

ध्यान कर लो शारदा माँ को मनाओ,

अंतर मन शारदा माँ को वसाओ मिल कर बोलो जय शारदा माँ,

जय शारदा माँ जय शारदा माँ जय शारदा माँ,

सुन्दर मुख जुभान में मिला हम खूब लाये जैकारा,

ताली भजा के जय जय बोलो गूंजे है जग सारा,

माता का जैकारा होता सब से सुंदर न्यारा,

माँ श्रधा का हम सब भगतो आओ लगाये जैकारा,

ध्यान कर लो शारदा माँ को मनाओ,

अंतर मन शारदा माँ को वसाओ मिल कर बोलो जय शारदा माँ,

जय शारदा माँ जय शारदा माँ जय शारदा माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।