मोहन कहें तुम्हे कोई गिरधारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहन कहें तुम्हे कोई गिरधारी,

जग के है पालन हारी कृष्ण मुरारी

माखन चुराते वो तुमने है खाया,

ऊँगली पे गोवर्धन वो पर्वत उठाया,

संकट को हरने वाले ये लीला धारी,

जग के है पालनहारी कृष्ण मुरारी,

लाज द्रोपती की वो तुमने बचाई,

सभा में वो दुर्योधन के हलचल मचाई,

रक्षा की उस अभला की जब उसने पुकारी,

जग के है पालनहारी कृष्ण मुरारी,

अर्जुन के सारथि बन कर रहे तुम

सदा मार्ग दर्शन करते रहे तुम,

कहता अशोक सुनो विनती हमारी,

जग के है पालनहारी कृष्ण मुरारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।