जागो आंबे मात भवानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जागो आंबे मात भवानी जागो शेरावाली सवेरा हो गया है,

भक्त तुम्हारे द्वार खड़े है ले पूजा की थाली,

सवेरा हो गया है,

जागो माता रानी तुझको जगाये तेरे द्वार माँ

दर्शन के प्यासे नैना तुझको बुलाये दरबार माँ,

सुबह सुबह से सूरज आके दर पे जगमगाये,

सवेरा हो गया है,

दर पे तुम्हारे दास आ गए,

तुम को भवानी माँ मना गए,

फूल चढ़ाये ज्योति जगाये तुम को सभी मनाये,

सवेरा हो गया है,

ओह आंबे रानिये सब है निहारे बस तुझे माँ,

हाथो को जोड़ आंबे देके चले है बस तुझे माँ,

मेरे हाथो में पूजा की थाली आरती तेरी गई

सवेरा हो गया है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।